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PPF और NPS में क्या अंतर है?

Adhil Shetty
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प्रश्न: मेरे रिटायरमेंट में अब 10 साल ही रह गए हैं। जबकि मैंने अपने रिटायरमेंट के लिए कुछ इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस में इन्वेस्ट किया है, लेकिन फिर भी मैं अधिक सुरक्षित और सरकार समर्थित इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस की तलाश में हूँ। मैं पब्लिक प्रोविडेंट फंड और नेशनल पेंशन स्कीम पर विचार कर रहा हूँ। क्या आप बता सकते हैं कि इन दोनों में क्या अंतर है? – सुशील कुमार

उत्तर: नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) दोनों सरकार समर्थित इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस हैं और ये दोनों एक रिटायरमेंट फंड तैयार करने में आपकी मदद करते हैं। इनमें से किसी भी इन्वेस्टमेंट ऑप्शन का चुनाव करने से पहले, आइए जान लीजिए कि आपके लिए क्या जानना जरूरी है:

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS)

यदि आप एक भारतीय नागरिक हैं और आपकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है तो आप इस ऑप्शन में इन्वेस्ट कर सकते हैं। आप अपने कार्यकाल के दौरान इस स्कीम में नियमित रूप से इन्वेस्ट कर सकते हैं। रिटायर होने के बाद, आप इस फंड का 60% निकाल सकते हैं और बाकी के बचे 40% को जरूरी तौर पर एन्युटी में इन्वेस्ट कर दिया जाता है ताकि रिटायरमेंट के बाद आपको एक रेगुलर पेंशन दिया जा सके। इसलिए, इस स्कीम के तहत, आपके इन्वेस्टमेंट का कुछ हिस्सा, इक्विटी में इन्वेस्ट कर दिया जाता है और आपको अपने फंड मैनेजर को बदलने का ऑप्शन भी दिया जाता है यदि आप उसकी सेवाओं से संतुष्ट नहीं हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

यह एक रिस्क फ्री इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है जो लम्बे समय के लिए है क्योंकि आप इसमें जो पैसा इन्वेस्ट करते हैं वह 15 साल के लिए लॉक हो जाता है। आपको एक लम्प सम अमाउंट के माध्यम से या मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन के माध्यम से एक फाइनेंशियल इयर में 1.5 लाख रु. तक इन्वेस्ट करने की इजाजत दी जाती है। PPF स्कीम के तहत, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है और इस पर मिलने वाला इंटरेस्ट और मैच्योरिटी अमाउंट दोनों टैक्स फ्री होता है।

आपको किसमें इन्वेस्ट करना चाहिए?

NPS और PPF दोनों के अलग-अलग फायदे हैं और आपको अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ही इनमें से किसी का चुनाव करना चाहिए। PPF एक नो-फेल इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है जो आपको 15 साल के बाद अपनी जरूरत के अनुसार मैच्योरिटी अमाउंट को फिर से इन्वेस्ट करने का ऑप्शन देता है। NPS में, आप अपने फंड का सिर्फ 60 प्रतिशत ही निकाल सकते हैं जबकि बाकी के बचे 40% को अपने रिटायरमेंट के दौरान रेगुलर इनकम पाने के लिए इक्विटी में इन्वेस्ट करना पड़ता है। PPF में फिक्स्ड रिटर्न मिलता है जबकि NPS का रिटर्न फिक्स्ड नहीं होता है और यह आम तौर पर फंड्स में अपने एक्सपोजर के कारण अधिक होता है। चूंकि NPS आपको इक्विटी में इन्वेस्ट करने की इजाजत देता है, इसलिए इसमें PPF से ज्यादा और महंगाई को मात देने वाला रिटर्न देने की क्षमता है।

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